ग्लोबल साइंटिफिक इंडेक्स ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दी बड़ी पहचान, उत्तराखंड और गढ़वाल विश्वविद्यालय का बढ़ाया मान
हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय (HNBGU) के भौतिकी विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक
एवं वायुमंडलीय भौतिक विज्ञानी डॉ. आलोक सागर गौतम को ग्लोबल साइंटिफिक इंडेक्स (Global Scientific Index–GSI) द्वारा विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत शोधकर्ताओं में शामिल किया गया है।
यह सम्मान उनके उत्कृष्ट वैज्ञानिक अनुसंधान, उच्च गुणवत्ता वाले शोध प्रकाशनों,
प्रभावशाली शोध उद्धरण (Citations), वैज्ञानिक नेतृत्व और वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में उल्लेखनीय योगदान के आधार पर प्रदान किया गया है।
उत्तराखंड और भारत के लिए गौरव का क्षण
डॉ. गौतम की यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं,
बल्कि हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, उत्तराखंड और भारत की वैज्ञानिक प्रतिष्ठा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली उपलब्धि मानी जा रही है।
दो दशक से कर रहे हैं जलवायु और वायुमंडलीय विज्ञान पर शोध
डॉ. आलोक सागर गौतम पिछले लगभग 20 वर्षों से वायुमंडलीय भौतिकी, एरोसोल विज्ञान,
वायु गुणवत्ता, जलवायु परिवर्तन, हिमालयी पर्यावरण, ब्लैक कार्बन, एरोसोल-बादल अंतःक्रिया, क्लाउड कंडेनसेशन न्यूक्लियाई (CCN), नवीन कण निर्माण,
अंतरिक्ष मौसम और पृथ्वी प्रणाली विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अनुसंधान कर रहे हैं।
उन्होंने भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM), पुणे से पीएचडी की है और वर्ष 2013 से HNBGU में अध्यापन एवं अनुसंधान कार्य कर रहे हैं।
इससे पहले वह भारत के 28वें वैज्ञानिक अंटार्कटिका अभियान का भी हिस्सा रह चुके हैं।

HASPRL प्रयोगशाला ने हिमालयी अनुसंधान को दी नई दिशा
डॉ. गौतम के नेतृत्व में स्थापित हिमालयन एटमॉस्फेरिक एंड स्पेस फिजिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (HASPRL)
आज हिमालयी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता और जलवायु परिवर्तन अनुसंधान की अग्रणी प्रयोगशालाओं में शामिल है।
इस प्रयोगशाला में एथैलोमीटर (AE-33), NanoScan SMPS, स्वचालित मौसम स्टेशन (AWS), माइक्रोटॉप्स-II सनफोटोमीटर और सल्फर डाइऑक्साइड विश्लेषक जैसे आधुनिक उपकरणों के माध्यम से वायु गुणवत्ता, ब्लैक कार्बन, एरोसोल, मौसमीय मानकों और सौर विकिरण का अध्ययन किया जाता है।
कई राष्ट्रीय परियोजनाओं का सफल नेतृत्व
डॉ. गौतम ने SERB, DST, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) और UCOST जैसी संस्थाओं द्वारा वित्तपोषित अनेक शोध परियोजनाओं का सफल संचालन किया है।
उनका वर्तमान शोध हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन, ब्लैक कार्बन, वायु गुणवत्ता, एरोसोल-बादल-वर्षा अंतःक्रिया, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मौसम पूर्वानुमान और पर्यावरणीय निगरानी पर केंद्रित है।
100 से अधिक शोध पत्र और अनेक सम्मान
डॉ. आलोक सागर गौतम के 100 से अधिक शोध-पत्र अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
इसके अलावा उन्होंने 50 से अधिक पुस्तक अध्याय, पुस्तकें, मोनोग्राफ, प्रयोगशाला मैनुअल और शोध रिपोर्टें प्रकाशित की हैं।
उन्हें टीचिंग एक्सीलेंस अवार्ड, रिसर्च एक्सीलेंस अवार्ड, यंग साइंटिस्ट अवार्ड, UCOST यंग साइंटिस्ट अवार्ड,
INSA समर रिसर्च फेलोशिप, ICTP (इटली) जूनियर एसोसिएटशिप और DST-SERB इंटरनेशनल ट्रैवल ग्रांट जैसे कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
डॉ. गौतम बोले- यह सम्मान जिम्मेदारी भी बढ़ाता है
सम्मान मिलने पर डॉ. आलोक सागर गौतम ने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं,
बल्कि विज्ञान, शिक्षा और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को और अधिक बढ़ाने वाली प्रेरणा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय की शोध संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और युवा वैज्ञानिकों को उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए प्रेरित करेगा।

















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