भुवनेश्वर में सजा ग्रैंड फिनाले
61वें संस्करण में देशभर की प्रतिभाओं के बीच चमकी नई मिस इंडिया
फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 का ग्रैंड फिनाले कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी में
भव्य रूप से आयोजित हुआ, जहां साध्वी सतीश सैल ने ताज अपने नाम कर लिया।
उन्होंने पिछली विजेता निकिता पोरवाल को रिप्लेस करते हुए 61वीं मिस इंडिया वर्ल्ड का खिताब जीता।

कौन बनीं रनर-अप?
- फर्स्ट रनर-अप: राजनंदिनी पवार (महाराष्ट्र)
- सेकेंड रनर-अप: अद्वैता (केंद्र शासित प्रदेश प्रतिनिधि)
इस प्रतियोगिता में कुल 30 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जो 29 राज्यों और एक संयुक्त केंद्र शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही थीं।
“यह पल अविश्वसनीय है” – साध्वी सतीश सैल
अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए साध्वी सतीश सैल ने कहा:
“यह सब अभी अविश्वसनीय लग रहा है। मैं इस मौके के लिए बेहद आभारी हूं। मेरे लिए सभी प्रतिभागी विजेता हैं और हम सभी भारत का नाम दुनिया में रोशन करना चाहते हैं।”
कौन हैं साध्वी सतीश सैल?
- मूल निवासी: गोवा (करवार क्षेत्र)
- शिक्षा: इकोनॉमिक्स और इंटरनेशनल रिलेशन में ग्रेजुएशन
- भाषाएं: अंग्रेजी, हिंदी, कोंकणी समेत 7 भाषाओं की जानकारी
- उपलब्धि: ‘क्वीन ऑफ फेस ऑफ चेन्नई’ खिताब विजेता
साध्वी ने बताया कि उन्होंने प्रतियोगिता की तैयारी सिर्फ 3 महीने पहले शुरू की थी, जो उनकी जीत को और खास बनाता है।
युवाओं के लिए संदेश
साध्वी का मानना है कि:
- दूसरों से तुलना न करें
- खुद पर विश्वास रखें
- ईमानदारी ही सफलता की असली कुंजी है
भुवनेश्वर की मेजबानी को मिली सराहना
भुवनेश्वर में आयोजित इस कार्यक्रम को इसकी:
- शानदार मेहमाननवाजी
- सांस्कृतिक समृद्धि
- जीवंत माहौल
के लिए खूब सराहा गया। कार्यक्रम में पारंपरिक भारतीय हथकरघा को आधुनिक फैशन के साथ जोड़ने की अनूठी पहल भी देखने को मिली।
अंतरराष्ट्रीय मंच की ओर बढ़ेंगी साध्वी सतीश सैल
फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 का खिताब जीतने के साथ ही साध्वी सतीश सैल अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
वे आगामी मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करती नजर आएंगी, जहां उनका लक्ष्य न केवल ताज जीतना होगा, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आधुनिक सोच का संतुलित संदेश वैश्विक मंच तक पहुंचाना भी रहेगा।
साध्वी की इस उपलब्धि को फैशन और ग्लैमर इंडस्ट्री में एक नई प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।
उनकी बहुभाषी क्षमता, आत्मविश्वास और सामाजिक मुद्दों पर स्पष्ट सोच उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत दावेदार बना सकती है।
इसके साथ ही, वे महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर भी सक्रिय भूमिका निभाने की योजना बना रही हैं, जिससे उनका यह सफर केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित न रहकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी बने।




















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