उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेनि.) की
अंतिम यात्रा में बुधवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा। राजनीतिक, सामाजिक और सैन्य जगत से जुड़े लोगों सहित बड़ी संख्या में
आमजन ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
‘खंडूड़ी जी अमर रहें’ के नारों से गूंजा माहौल
अंतिम यात्रा के दौरान पूरा वातावरण “खंडूड़ी जी अमर रहें” के नारों से गूंज उठा। लोगों ने उन्हें ईमानदारी, सादगी और
अनुशासन की मिसाल बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री धामी समेत कई नेताओं ने दिया कंधा
अंतिम यात्रा में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami, पूर्व मुख्यमंत्री Tirath Singh Rawat, विधायक दिलीप रावत, मनीष
खंडूरी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
मुख्यमंत्री धामी ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और अंतिम यात्रा में कंधा भी दिया।
भावुक माहौल में उमड़ी भारी भीड़
देश और प्रदेश के प्रति मेजर जनरल खंडूड़ी के योगदान को याद करते हुए अंतिम यात्रा के दौरान माहौल बेहद भावुक नजर
आया। बड़ी संख्या में लोग अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए सड़कों पर खड़े दिखाई दिए। पूरी यात्रा के दौरान सैन्य
अनुशासन और सम्मान का विशेष माहौल देखने को मिला।
सादगी और स्वच्छ राजनीति के प्रतीक थे खंडूड़ी
मेजर जनरल Bhuvan Chandra Khanduri को उत्तराखंड में साफ-सुथरी राजनीति और ईमानदार छवि के लिए जाना जाता
था। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खंडूड़ी जी का जीवन सभी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने सैनिक के रूप में देश की सेवा की और
राजनेता के रूप में उत्तराखंड के विकास को नई दिशा देने का कार्य किया।
उत्तराखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने मेजर जनरल खंडूड़ी के निधन को उत्तराखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय
क्षति बताया। उनकी सादगी, स्पष्टवादिता और अनुशासित कार्यशैली को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
















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