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श्रीनगर बेस अस्पताल में एमआरआई जांच प्रक्रिया सरल

गढ़वाल के मरीजों को बड़ी राहत

बाहरी जिलों के रेफरल पर्चे पर सीधे एमआरआई, एक घंटे में फिल्म और 24 घंटे में रिपोर्ट

Government Medical College Srinagar के बेस अस्पताल में एमआरआई जांच प्रक्रिया को

आसान और मरीज-हितैषी बनाने की नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।

अब अन्य जिलों के सरकारी अस्पतालों से रेफर होकर आने वाले मरीजों को सीधे

उनके मूल चिकित्सक द्वारा जारी पर्चे पर एमआरआई जांच की सुविधा मिलेगी।

उन्हें बेस अस्पताल की अलग ओपीडी पर्ची बनवाने की जरूरत नहीं होगी।

यह कदम विशेष रूप से गढ़वाल के चार पहाड़ी जिलों से आने वाले मरीजों के लिए राहतभरा माना जा रहा है।

क्या बदलेगा नई व्यवस्था में

नई व्यवस्था के तहत:

  • सरकारी अस्पताल के डॉक्टर द्वारा जारी नॉन-कॉन्ट्रास्ट एमआरआई पर्चा सीधे स्वीकार किया जाएगा।
  • बेस अस्पताल में अलग से ओपीडी पर्ची बनवाने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • निर्धारित शासकीय शुल्क जमा करने के बाद जांच की जाएगी।
  • एक घंटे के भीतर एमआरआई फिल्म उपलब्ध कराई जाएगी।
  • 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट मरीज को दे दी जाएगी।

इस संबंध में कर्मचारियों को औपचारिक आदेश जारी किए जा चुके हैं।

चार जिलों के मरीजों को सीधा लाभ

बेस अस्पताल गढ़वाल क्षेत्र के चार जिलों के लिए प्रमुख एमआरआई केंद्र है। दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को अब अनावश्यक कागजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी। इससे समय की बचत होगी और जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व तेज बनेगी।

रेडियोलॉजी विभाग की पहल

रेडियोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यभार संभालने के बाद डॉ. सौरभ सच्चर ने इस व्यवस्था को लागू करने की पहल की। विभाग में पहले से डॉ. नुपूर अरोड़ा सेवाएं दे रही हैं।

डॉ. सौरभ सच्चर, एसोसिएट प्रोफेसर (रेडियोलॉजी विभाग), बेस अस्पताल श्रीनगर ने कहा:

“चार जिलों से आने वाले मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बाहरी अस्पतालों के पर्चे पर सीधे एमआरआई जांच शुरू की जा रही है। शुल्क जमा करने के बाद एक घंटे में फिल्म और 24 घंटे में रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी।”

डॉ. सौरभ सच्चर

प्रशासन की तैयारी

कॉलेज प्रशासन सभी संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को पत्र भेजेगा। इसके अलावा सीएचसी, उप जिला अस्पताल, जिला अस्पताल और अन्य संस्थानों को भी सूचना दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक मरीज इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

डॉ. आशुतोष सयाना, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज श्रीनगर ने कहा:

“जनहित में लिए गए इस निर्णय को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा, ताकि गढ़वाल क्षेत्र के मरीजों को एमआरआई जांच में किसी प्रकार की परेशानी न हो।”

क्यों अहम है यह निर्णय

गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्रों से मरीजों को अक्सर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। नई व्यवस्था से:

  • समय की बचत होगी
  • कागजी प्रक्रिया कम होगी
  • मरीजों को तेज रिपोर्ट मिलेगी
  • उपचार में देरी कम होगी

यह पहल क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

https://youtu.be/7S6Wz1SiKak?si=_y_XaW8ZnGJotpqy
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