सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए “क्या करें और क्या न करें” की सूची जारी
उत्तराखंड में 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है।
यात्रा को लेकर सभी संबंधित विभाग व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं।
सरकार का फोकस इस बार यात्रा को सुरक्षित, सरल और व्यवस्थित बनाना है।
परिवहन विभाग ने जारी की एडवाइजरी
परिवहन विभाग ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है।
इसमें “क्या करें और क्या न करें” से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश शामिल हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
- रजिस्ट्रेशन और ग्रीन कार्ड अनिवार्य
- सभी यात्रियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य
- वाहनों के लिए ट्रिप कार्ड जरूरी
- कॉमर्शियल वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड अनिवार्य
- बिना दस्तावेज यात्रा की अनुमति नहीं
सुरक्षित यात्रा के लिए क्या करें (Do’s)
- यात्रा से पहले अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराएं
- वाहन के सभी दस्तावेज, लाइसेंस और ट्रिप कार्ड साथ रखें
- वाहन की ब्रेक, टायर, लाइट, स्टेरिंग की जांच करें
- वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र रखें
- टॉर्च, पंचर किट और हवा पंप साथ रखें
- सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य रूप से करें
- मोड़ों पर हॉर्न बजाएं और अपनी लेन में चलें
- खराब मौसम में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें
- वाहन सुरक्षित स्थान पर ही पार्क करें
- यात्रा के दौरान शौचालय और स्वच्छता का ध्यान रखें
- जरूरत की दवाइयां, गर्म कपड़े और पानी साथ रखें
- आपात स्थिति में 108 और 112 पर संपर्क करें
यात्रा के दौरान क्या न करें (Don’ts)
- ओवरस्पीडिंग बिल्कुल न करें
- बिना अनुभव वाले चालक के साथ यात्रा न करें
- रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक वाहन न चलाएं
- ओवरलोडिंग न करें
- नशे की हालत में वाहन न चलाएं
- ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग न करें
- प्रेशर हॉर्न और फैंसी लाइट का इस्तेमाल न करें
- ज्वलनशील पदार्थ वाहन में न रखें
- मोड़ों पर ओवरटेक न करें
- घिसे हुए टायर का उपयोग न करें
- चालक से बहस या विवाद न करें
- प्राकृतिक जल स्रोतों में वाहन न धोएं
सुरक्षा पर सरकार का फोकस
परिवहन विभाग का कहना है कि इन सभी नियमों का पालन करने से चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाया जा सकता है।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और जिम्मेदार यात्रा करें।

















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