रीजनल रिपोर्टर

सरोकारों से साक्षात्कार

ऊखीमठ: कुमार लोक में निकली 101 जल कलशों की भव्य यात्रा

15 हजार श्रद्धालु बने साक्षी

रुद्रप्रयाग जनपद के ऊखीमठ स्थित देव सेनापति भगवान कार्तिकेय की

तपस्थली कुमार लोक में आयोजित 11 दिवसीय महायज्ञ एवं पुराण वाचन के दसवें दिन

आस्था का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला।

रविवार को यहां 101 जल कलशों की भव्य एवं दिव्य यात्रा निकाली गई,

जिसमें क्षेत्र सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुई जल कलश यात्रा

प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच आचार्यों के निर्देशन में पवित्र जल स्रोतों से जल भरकर 101

श्रद्धालुओं ने सिर पर कलश धारण किए।

भगवान कार्तिकेय के जयकारों, भजन-कीर्तन और ढोल-दमाऊं की मंगल ध्वनियों के साथ निकली यह यात्रा पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर करती रही।

दुर्गम मार्गों से गुजरकर श्रद्धालुओं ने किया पुण्य अर्जित

बीहड़ चट्टानों और दुर्गम पहाड़ी मार्गों से होकर निकली जल कलश यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव बन गई।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, मानव कल्याण और समृद्धि की कामना की।

महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी इस आयोजन का विशेष आकर्षण रही।

विधायक लखपत बुटोला ने भी की सहभागिता

इस अवसर पर लखपत बुटोला ने महायज्ञ में शामिल होकर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

उन्होंने कहा कि कुमार लोक जैसे पवित्र स्थलों पर होने वाले धार्मिक आयोजन भारतीय संस्कृति

और आध्यात्मिक परंपराओं को सशक्त बनाने का कार्य कर रहे हैं।

सोमवार को पूर्णाहुति के साथ होगा समापन

महायज्ञ में प्रतिदिन वैदिक विधि-विधान से यज्ञीय अनुष्ठान और हवन किए जा रहे हैं।

यज्ञ में विश्व कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और मानवता के मंगल की कामना के साथ आहुतियां दी जा रही हैं।

वहीं पुराण वाचन में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।

कार्तिकेय मंदिर समिति के अध्यक्ष बिक्रम सिंह नेगी ने बताया कि 11 दिवसीय महायज्ञ का समापन सोमवार को पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ होगा।

समापन कार्यक्रम में भी हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

https://regionalreporter.in/garhwal-ropai-tradition-culture-and-farming/
https://youtu.be/xi720jCgQyA?si=4hdjkAEIejDwGsXY
लक्ष्मण सिंह नेगी
+ posts

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *