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सरोकारों से साक्षात्कार

श्रीकोट गंगानाली में दर्दनाक हादसा, डंपर ने पांच महिला यात्रियों मारी टक्कर

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। श्रीकोट गंगानाली में एक अनियंत्रित डंपर ने पांच महिलाओं को टक्कर मार दी। जिसमें से दो की मौत हो गई है, जबकि तीन गंभीर घायल हुई हैं।

विस्तार
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हादसा बदरीनाथ हाईवे परश्रीकोट गंगानाली में हुआ। महाराष्ट्र से महिला श्रद्धालुओं का दल बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आया था। धाम में दर्शन करने के बाद सभी महिलाएं श्रीकोट के एक होटल मे रुकी हुईं थीं।

बीती मंगलवार रात्रि को सभी महिलाएं होटल के बाहर बैठकर बातें कर रहीं थी। कि उसी दौरान श्रीनगर से श्रीकोट की ओर जा रहे पानी के टैंकर ने अनियंत्रित होकर पहले गाय के बछड़े पर टक्कर मारी और उसके बाद महिला यात्रियों को कुचलता हुआ दीवार तोड़कर आगे निकल गया।।

दो महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि तीन घायल हो गई। घायलों को बेस अस्पताल में उपचार दिया जा रहा है। साथ ही हादसे में मृतक व घायलों की पहचान की जा रही है।

इनकी हुई मौत

  • सरिता उर्फ गौरी (50 वर्ष ) पत्नी नरेश निवासी तिजकरा जिला अकोला महाराष्ट्र
  • ललिता ताउरी (50 वर्ष) पत्नी हरीश ताउरी निवासी गोपालजिन, जिला अकोला महाराष्ट्र

घायल महिला

  • संतोषी धनराज राठी (45 वर्ष) पत्नी धनराज बालकृष्ण राठी निवासी तालुका भोतमार, जिला भोतमार, महाराष्ट्र
  • सारिका राजेश राठी (46 वर्ष) पत्नी राजेश राठी निवासी मोधा, तहसील दरैपुर, जिला अमरावती, महाराष्ट्र
  • मधुबाला राजेंद्र कुमार (54 वर्ष) पत्नी राजेंद्र कुमार निवासी किथोरखैत, जिला अकोला, महाराष्ट्र
https://regionalreporter.in/almora-and-pithoragarh-will-become-municipal-corporations/

https://youtu.be/sLJqKTQoUYs?si=YJ75osQdTJ7TA457

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अस्पताल पहुंचकर आपदाग्रस्त हो गया मरीज - रीजनल रिपोर्टर

[…] गंगा असनोड़ा उत्तराखंड में लचर स्वास्थ्य सेवाओं से जनता कितनी बेहाल है, इसकी सूचनाएं आम रहती हैं। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री डा.धन सिंह रावत की घोषणाओं तथा निजी प्रयासों की बदौलत कुछ अस्पतालों को बेहतर बुनियादी ढांचा मिला तो है। निर्माण से लेकर मशीनों की खरीद तक काफी कुछ बदला-बदला है, लेकिन फिर भी वास्तविक हालात कई बार सिर धुनने से अधिक कुछ नहीं लगते। बूढ़ाकेदार क्षेत्र के देवल गांव निवासी महावीर की कहानी देखकर हम इसका अंदाजा लगा सकते हैं। बीते 11 जुलाई को गांव में दिहाड़ी-मजदूरी कर अपने तीन बच्चों का पालन-पोषण कर रहा महावीर एक छोटे से नाशपाती के पेड़ पर चढ़ा था कि अचानक वह पेड़ से नीचे गिर गया। इस घटना में उसके कूल्हे और पैर में चोट आई। श्रीनगर के संयुक्त अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ ने बताया कि उनके कूल्हे का आपरेशन होगा। एक सप्ताह के इंतजार के बाद महावीर के आपरेशन का दिन आया। महावीर को एनेस्थीसिया दे दिया गया था और उसके कूल्हे का आपरेशन शुरू हो चुका था कि अचानक जिस टेबल पर महावीर लेटा है, उसका एक पाया टूट जाता है और टेबल धड़ाम से गिर जाता है। डाक्टर और अन्य स्टाफ महावीर को संभालने की कोशिश तो करते हैं, लेकिन फिर भी महावीर आपरेशन के दौरान लुढ़क जाता है। अब महावीर पहले से अधिक गंभीर स्थिति में है। इतना गंभीर कि उसे संयुक्त अस्पताल से बेस अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। यहां भाग्य से महावीर को दिन-रात कभी भी मरीजों की जरूरत पर हाजिर रहने वाले डा. दयाकृष्ण टम्टा उनके केस को देखते हैं। आपरेशन तय होता है, डाक्टर भी आपरेशन के लिए तत्पर हैं, लेकिन अचानक विद्युत सप्लाई में आई दिक्कत से ओटी में एसी चलना बंद हो जाता है और फिर महावीर को ओटी से अपने वार्ड में आपरेशन कराए बिना ही लौटना पड़ता है। एक अगस्त को महावीर का आपरेशन सफलतापूर्वक हो गया है। संयुक्त अस्पताल में हुई घटना में डाक्टरों का कोई दोष नहीं और ना ही बेस अस्पताल में पहली बार टले आपरेशन के लिए डाक्टरों को दोष दिया जा सकता है, लेकिन यदि संयुक्त अस्पताल में ओटी टैक्नीशियन होता, तो शायद पहली बार में ही महावीर का सफल आपरेशन हो सकता था या बेस अस्पताल में विद्युत की सुचारू व्यवस्था होती, तो भी महावीर को पहली बार निराश नहीं होना पड़ता। बहरहाल, नमक-रोटी में भी खुशी-खुशी अपना जीवन काटने वाले 54 वर्षीय महावीर और उनकी पत्नी सुमित्रा इस बात से प्रसन्न हैं कि आखिर आपरेशन हो ही गया। https://regionalreporter.in/tragic-accident-in-srikot-ganganali/ […]

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