असम राइफल्स को बड़ा नुकसान
अल्मोड़ा के वारंट अधिकारी बलवंत सिंह और पौड़ी के हवलदार चंद्र मोहन सिंह ने देश के लिए दिया सर्वोच्च बलिदान
मणिपुर के उखरुल जिले में उग्रवादियों के घातक हमले में असम राइफल्स के दो वीर जवान शहीद हो गए।
शहीदों में उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी वारंट अधिकारी बलवंत सिंह और पौड़ी गढ़वाल निवासी हवलदार चंद्र मोहन सिंह शामिल हैं।
हमले में कई अन्य जवानों के घायल होने की भी सूचना है। घटना के बाद पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर है।
काफिले पर घात लगाकर किया हमला
जानकारी के अनुसार, उखरुल जिले के मुंगशांग खोंग क्षेत्र में सुरक्षा बलों का काफिला नियमित ऑपरेशनल मूवमेंट पर था।
इसी दौरान सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे संदिग्ध उग्रवादियों ने घात लगाकर अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन इस हमले में दो जवान वीरगति को प्राप्त हो गए।
असम राइफल्स ने दी श्रद्धांजलि
हमले के बाद असम राइफल्स ने आधिकारिक बयान जारी कर दोनों शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।
असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने कहा कि वारंट अधिकारी बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह ने राष्ट्र की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है।
उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरा बल शहीदों के परिजनों के साथ खड़ा है।
तीन जुलाई को ही ड्यूटी पर लौटे थे चंद्र मोहन सिंह
शहीद हवलदार चंद्र मोहन सिंह पौड़ी गढ़वाल जिले के नैनीडांडा ब्लॉक के डांडातोली गांव के निवासी थे।
वर्तमान में उनका परिवार गाजियाबाद में रहता है।
उनके परिवार में पत्नी मंजू देवी, एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। उनके पिता स्वर्गीय गोविंद सिंह का 2 मई को निधन हुआ था।
पारिवारिक क्रियाकर्म पूरा करने के बाद चंद्र मोहन सिंह 3 जुलाई को ही ड्यूटी पर लौटे थे।
उनके शहीद होने की सूचना मिलते ही गांव और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
भारतीय सेना ने जताया शोक
भारतीय सेना की पूर्वी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन सहित सेना के वरिष्ठ अधिकारियों
और जवानों ने दोनों शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

















Leave a Reply