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केंद्र ने चंडीगढ़ में LG शासन की अटकलें कीं खारिज

केंद्र ने चंडीगढ़ पर उपराज्यपाल शासन की अटकलों को किया खारिज

गृह मंत्रालय ने कहा—सिर्फ कानून प्रक्रिया को सरल बनाने पर विचार, प्रशासनिक ढांचे में कोई बदलाव नहीं

चंडीगढ़ में उपराज्यपाल (LG) शासन लागू किए जाने की अटकलों के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रविवार, 23 नवंबर को आधिकारिक सफाई जारी की।

मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार केवल चंडीगढ़ के लिए केंद्रीय कानून बनाने की प्रक्रिया को सरल करने पर विचार कर रही है, और प्रशासनिक ढांचे या पंजाब–हरियाणा के साथ संबंधों में किसी बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं है।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि शीतकालीन सत्र में कोई बिल लाने की योजना नहीं है।

गृह मंत्रालय का आधिकारिक बयान

गृह मंत्रालय ने X (ट्विटर) पर लिखा:

  • “प्रस्ताव अभी विचाराधीन है, कोई अंतिम फैसला नहीं।”
  • “यह सिर्फ चंडीगढ़ के लिए कानून बनाने की प्रक्रिया को आसान करेगा।”
  • “चंडीगढ़ के प्रशासन या पंजाब–हरियाणा से उसके संबंधों में कोई परिवर्तन नहीं होगा।”
  • “सभी हितधारकों से बातचीत के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा।”

मंत्रालय ने लोगों को आश्वस्त किया कि चिंता की कोई जरूरत नहीं है।

कैसे शुरू हुआ विवाद

संसद की बुलेटिन में हाल ही में “संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2025” का उल्लेख आया था।
इसमें चंडीगढ़ को आर्टिकल 240 की श्रेणी में लाने का प्रस्ताव था।

क्या है आर्टिकल 240

यह उन UTs पर लागू होता है—

  • जिनकी विधानसभा नहीं होती
  • जहां उपराज्यपाल के माध्यम से प्रशासन चलता है

यदि चंडीगढ़ को इस श्रेणी में लाया जाता, तो—

  • वहां स्वतंत्र उपराज्यपाल नियुक्त होता
  • प्रशासन पंजाब के राज्यपाल से हटकर LG के हाथ में चला जाता

वर्तमान में पंजाब के राज्यपाल ही चंडीगढ़ के प्रशासक हैं।

इस बदलाव से क्या बदलता?

अगर प्रस्ताव लागू होता, तो—

  • चंडीगढ़ का प्रशासन भी अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप जैसी UTs की तर्ज पर चलता
  • एक अलग LG नियुक्त होता
  • कानून केंद्र सीधे बनाता

लेकिन गृह मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया कि यह सिर्फ प्रक्रिया सुधार है, प्रशासनिक परिवर्तन नहीं।

पंजाब में विपक्ष भड़का

AAP, कांग्रेस और अकाली दल—तीनों ने इस प्रस्ताव का जोरदार विरोध किया।

AAP और CM भगवंत मान का आरोप

  • “चंडीगढ़ पंजाब का अभिन्न हिस्सा है”
  • “केंद्र पंजाब के अधिकार कमजोर कर रहा है”
  • “यह पंजाब के साथ अन्याय है”

कांग्रेस का बयान

कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग ने कहा—

  • “चंडीगढ़ छीनने की कोशिश के गंभीर नतीजे होंगे”

अकाली दल का रुख

सुखबीर बादल ने इसे “पंजाब के अधिकारों पर हमला” बताया।

सांसदों की चिंता

AAP सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने सभी पंजाब सांसदों से गृह मंत्री से मिलने की अपील की।

5. सरकार का रुख अब स्पष्ट

गृह मंत्रालय की आधिकारिक पोस्ट के बाद यह साफ है कि—

  • कोई शासनिक बदलाव नहीं होने जा रहा
  • चंडीगढ़ की वर्तमान स्थिति बरकरार रहेगी
  • सत्र में कोई बिल लाने की योजना नहीं
  • यह सिर्फ कानून प्रक्रिया को सरल बनाने से जुड़ा तकनीकी प्रस्ताव है

https://regionalreporter.in/big-action-in-uttarakhand-education-department/
https://youtu.be/kYpAMPzRlbo?si=F7REDXADZhHs0cS6
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